
भारत में EV कारों की बिक्री में 53% की जोरदार बढ़ोतरी
भारत में EV कारों की बिक्री को लेकर अगस्त 2026 के आंकड़े ऑटोमोबाइल बाजार के लिए काफी महत्वपूर्ण रहे हैं। इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले करीब 53% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। Vahan registration data पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 में करीब 30 हजार इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि अगस्त 2025 में यह आंकड़ा करीब 19.6 हजार था।
आंकड़े बताते हैं कि भारत में इलेक्ट्रिक कार अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं रह गई हैं। बड़ी संख्या में ग्राहक पेट्रोल और डीजल कारों के विकल्प के तौर पर EV को देख रहे हैं। बेहतर मॉडल, बढ़ता चार्जिंग नेटवर्क और इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बढ़ती स्वीकार्यता इस बदलाव के प्रमुख संकेत माने जा सकते हैं।
अगस्त 2026 में EV मार्केट ने बनाया मजबूत प्रदर्शन
अगस्त 2026 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 53% से ज्यादा वृद्धि देखने को मिली। हालांकि जुलाई 2026 की तुलना में अगस्त में रजिस्ट्रेशन कम रहे। इसका मतलब है कि बाजार में सालाना ग्रोथ मजबूत है, लेकिन हर महीने बिक्री एक जैसी नहीं रहती।
इस प्रदर्शन को भारत में EV की बढ़ती लोकप्रियता का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है। इसके अलावा पेट्रोल की कीमतों, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट की उम्मीद और नए इलेक्ट्रिक मॉडल की उपलब्धता भी ग्राहकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है।
Tata Motors बनी EV मार्केट की सबसे बड़ी कंपनी
अगस्त में Tata Motors ने इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी नंबर-1 स्थिति बरकरार रखी। AutoPunditz के Vahan registration data के अनुसार कंपनी ने अगस्त में 13,158 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन कराया और करीब 43.8% मार्केट शेयर हासिल किया। पिछले साल इसी महीने कंपनी के 8,064 EV registrations थे।
इसका मतलब है कि भारत में बिकने वाली लगभग हर 100 इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों में 44 के आसपास Tata Motors की कारें थीं।
Tata की बढ़त के पीछे कंपनी के इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो और अलग-अलग कीमतों वाले मॉडल की उपलब्धता को एक महत्वपूर्ण वजह माना जा सकता है। इलेक्ट्रिक SUV और कॉम्पैक्ट EV सेगमेंट में कंपनी की मौजूदगी भी मजबूत है।
Mahindra ने भी दिखाई तेज ग्रोथ
Mahindra अगस्त 2026 में इलेक्ट्रिक कार बाजार में दूसरे स्थान पर रही। कंपनी ने करीब 6,464 EV registrations दर्ज किए, जो अगस्त 2025 के 4,139 के मुकाबले लगभग 56% ज्यादा हैं। कंपनी का बाजार हिस्सा करीब 21.5% रहा।
Mahindra की इलेक्ट्रिक SUV को लेकर ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ती दिखाई दे रही है। आने वाले समय में नए EV मॉडल और ज्यादा विकल्प बाजार में आते हैं तो कंपनी Tata Motors के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
VinFast की एंट्री ने बढ़ाई प्रतियोगिता
अगस्त के आंकड़ों में VinFast का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा। कंपनी करीब 2,199 registrations के साथ चौथे स्थान पर पहुंची और लगभग 7.3% बाजार हिस्सेदारी हासिल की।
VinFast का तेजी से ऊपर आना बताता है कि भारतीय EV बाजार में अब केवल कुछ पुरानी कंपनियों का दबदबा नहीं है। विदेशी कंपनियां भी भारत में इलेक्ट्रिक कारों के बढ़ते बाजार को देखते हुए अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।
Maruti Suzuki भी EV बाजार में मजबूत हो रही है
Maruti Suzuki ने भी इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है। अगस्त में कंपनी ने करीब 1,412 EV registrations दर्ज किए और लगभग 4.7% मार्केट शेयर हासिल किया।
Maruti का मजबूत घरेलू नेटवर्क और बड़े ग्राहक आधार को देखते हुए आने वाले समय में कंपनी की EV रणनीति पर बाजार की नजर रहेगी। अगर कंपनी नए मॉडल और प्रतिस्पर्धी कीमतों के साथ आगे बढ़ती है तो EV सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
सिर्फ EV ही नहीं, दूसरे Clean Fuel भी बढ़ रहे हैं
भारत में कार खरीदारों की पसंद सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित नहीं है। अगस्त 2026 में CNG, Hybrid और EV जैसे alternative-fuel vehicles ने मिलकर passenger vehicle sales में करीब 42% हिस्सेदारी हासिल की। यह आंकड़ा बताता है कि ग्राहक धीरे-धीरे पारंपरिक पेट्रोल कारों के अलावा दूसरे विकल्पों की ओर भी बढ़ रहे हैं।
इस बदलाव का असर आने वाले वर्षों में कार कंपनियों की रणनीति पर दिखाई दे सकता है। कंपनियां अब पेट्रोल-डीजल मॉडल के साथ-साथ EV, Hybrid और CNG विकल्पों पर भी ज्यादा ध्यान दे रही हैं।
EV कारों की बिक्री बढ़ने की बड़ी वजह क्या है?
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण हैं।
पहला कारण, EV मॉडल की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है। ग्राहकों के पास अब अलग-अलग कीमत और बॉडी स्टाइल में विकल्प मौजूद हैं।
दूसरा कारण, इलेक्ट्रिक कारों में पेट्रोल या डीजल इंजन की तुलना में कई नियमित खर्च कम हो सकते हैं। हालांकि वास्तविक बचत मॉडल, बिजली की कीमत, ड्राइविंग पैटर्न और चार्जिंग व्यवस्था पर निर्भर करती है।
तीसरा कारण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। शहरों और प्रमुख हाईवे पर चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार से EV को लेकर ग्राहकों का भरोसा बढ़ सकता है।
चौथा कारण, इलेक्ट्रिक कारों को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ी है। अब EV सिर्फ पर्यावरण के नजरिए से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, फीचर्स और ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण भी खरीदी जा रही हैं।
क्या आने वाले समय में EV की बिक्री और बढ़ेगी?
अगस्त 2026 के आंकड़े संकेत देते हैं कि भारत का इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बाजार अभी विस्तार के दौर में है। सालाना आधार पर 53% से ज्यादा की वृद्धि एक मजबूत संकेत है, हालांकि महीने-दर-महीने बिक्री में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
जैसे-जैसे नए मॉडल बाजार में आएंगे, बैटरी टेक्नोलॉजी में सुधार होगा और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार होगा, ग्राहकों के लिए EV खरीदने का फैसला आसान हो सकता है।
साथ ही, कीमत, बैटरी लाइफ, चार्जिंग टाइम और लंबी दूरी की यात्रा जैसे मुद्दे अभी भी खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए EV बाजार की अगली ग्रोथ सिर्फ बिक्री बढ़ने पर नहीं, बल्कि ग्राहकों के वास्तविक अनुभव और भरोसे पर भी निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
भारत में EV कारों की बिक्री में अगस्त 2026 के दौरान करीब 53% की सालाना वृद्धि भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत है। Tata Motors ने करीब 44% हिस्सेदारी के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी, जबकि Mahindra और नए खिलाड़ी जैसे VinFast भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
भारत का कार बाजार धीरे-धीरे अधिक विकल्पों वाला बन रहा है, जहां EV, Hybrid और CNG जैसे विकल्प ग्राहकों की पसंद में जगह बना रहे हैं। आने वाले महीनों में नए मॉडल, बेहतर टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को और गति दे सकते हैं।
नोट: EV बिक्री के आंकड़े Vahan registration data पर आधारित हैं और अलग-अलग डेटा संकलन स्रोतों में मामूली अंतर हो सकता है। ऊपर दिए गए आंकड़ों को उपलब्ध अगस्त 2026 की रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।